पोस्टिंग वाले स्थान पर जमीन नहीं ले सकते सरकारी कर्मचारी होगी बड़ी कार्रवाई
👉 पारिवारिक सदस्य के नाम पर भी नहीं खरीद सकते खेत-खलिहान
👉 कार्मिक विभाग ने एक बार फिर जारी किए निर्देश
👉 तबादला होने के बाद भी दो साल तक शर्त रहेगी लागू
सरकारी नौकर जिस स्थान पर तैनात है, वहां अपने या परिवार के नाम से जमीन नहीं खरीद सकते हैं सरकार के यह नियम अफसरों व कर्मचारियों पर पहले से लागू हैं, जिसे कार्मिक विभाग ने एक बार फिर से निर्देशित किया है।
कार्मिक विभाग के उप सचिव बलवीर सिंह की ओर से जारी हुए निर्देशों में कहा गया है कि सरकार के आदेशों पर सख्ती के साथ अमल किया जाए बिना इजाजत के जमीन की खरीद नहीं हो सकती है।
इन निर्देशों में साफ कहा गया है कि न तो कर्मचारी खुद के नाम पर कोई जमीन, मकान उस स्थान पर खरीद सकता है, जहां वो तैनात हो और न ही उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर वहां जमीन उस समयकाल में ली जा सकती है।
इतना ही नहीं जब सरकारी नौकर उस स्थान से तबदील होकर कहीं दूसरे स्थान पर जाता है तो भी दो साल की अवधि तक वह पुराने पोस्टिंग स्थल की सीमा में जमीन नहीं खरीद सकता यानी उस पर दो साल बाद भी शर्त लागू रहेगी।
कई मामले आए हैं सामने
मुख्य सचिव की ओर से यह आदेश कार्मिक विभाग ने जारी किए हैं, जो सभी प्रशासनिक सचिवों को भेजे गए है वहीं विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों व उपायुक्तों को भी भेजे गए हैं किसी ने कोई संपत्ति खरीदनी हो तो बाकायदा इसके लिए उसे सरकार से इजाजत लेनी पड़ती है।
ऐसे कई मामले सरकार के ध्यान में आए है, जिसमें सरकारी नौकरों, जिनमें अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं और नियमों के खिलाफ इस तरह की संपति बनाई है रजिस्ट्रियां उनके या परिवारजनों के नाम पर बनाई गई है इन मामलों के ध्यान में आने के बाद पड़ताल भी चल रही है कार्मिक विभाग के आदेश उनकी वेबसाइट पर भी डाले गए है।
सरकारी नौकरों पर इस तरह के आदेश वर्ष 1989 में लागू किए गए थे। इसके बाद समय-समय पर इस संबंध में निर्देश जारी होते रहे है 1992 और 1996 में भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे इसमें साफ था कि सरकारी नौकरों को पहले इजाजत लेनी होगी और बिना इजाजत वह ऐसा नहीं कर सकेंगे उस समय यहां पर कई मामले सामने आए थे, जिससे एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
