69 हजार शिक्षक भर्ती में व्यापक गड़बड़झाला 70 अंक पाने वाले टापर्स की सूची में सामान्य अभ्यर्थी ओबीसी में
69000 शिक्षक भर्ती में धांधली का आरोप लगाते हुए राहुल नामक एक अभ्यर्थी ने एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध से शिकायत की थी। एसएसपी ने गहुल की शिकायत पर गुरुवार रात सोरांव थाने में रुद्रपति दुवे शशिप्रकाश सरोज,हरीकृष्ण सरोज, कमल पटेल, रजीत , केएल पटेल , मायापति दुबे और आलोक उर्फ धर्मेद्र सरोज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
इन लोगों ने सहायक शिक्षक भर्ती में पास कराने के लिए उससे 7.50 लाख रुपया लिया था। लेकिन जब रिजल्ट आया तो उसका नाम नहीं था। इसी प्रकरण में कार्रवाई करते हुए सोरांव पुलिस ने गुरुवार रात एसयूवी गाड़ी से भाग रहे 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया । पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए 5 से 7 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी का ठेका लिया था।
इसके लिए कुछ लोगों को आंसर की मुहैया कराई गई थी।
परीक्षा केंद्र आंसर शीट ले जाने के लिए एक विशेष रुमाल प्रिंट करायी जिसमें कोडिंग के आंसर टिक किए गए थे। शुरुआत में अभ्यर्थियों ने एक - एक लाख रुपये एडवांस दिया था। बाकी पैसा परिणाम आने के बाद देना था।
बताया जा रहा है कि सहायक शिक्षक भर्ती का परिणाम आने के बाद एजेंटों के माध्यम से अभ्यर्थियों से वसूली शुरू हो गई है। इन लोगों ने सभी कैंडिडेट के ओरिजनल मार्कशीट व अन्य डॉक्यूमेंट जमा करा लिए थे। पैसा देने के बाद वे उसे लौटा रहे थे।
प्रयागराज समेत विभिन्न जिलों के करीब 20 अभ्यर्थियों से इन्हें रुपए लेने थे। गुरुवार को बलवंत नामक एक युवक समेत कुछ अभ्यर्थियों से लगभग 17.56 लाख रुपये वसूली करके आरोपी जा रहे थे।जहां रास्ते में पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ कर देर रात पुलिस ने दो अन्य लोगों को भी पकड़ लिया। मोरांव पुलिस ने बताया कि नामजद आरोपी मायापति दुबे को छोड़ अन्य सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है ।69000 शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में पकड़े गए डा० के एल पटेल और उनके साथी भी व्यापम घोटाले के दायरे में आए।
जब इनसे पूछताछ शुरू हुई, तो पता चला कि पटेल के पास एक सीएचसी और कई कॉलेज हैं। शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा उजागर करने के लिए एएसपी अशोक वेंकटेश, एएसपी अनिल यादव और क्राइम ब्रांच को भी लगा दिया गया। डॉ० पटेल की गिरफ्तारी के बाद, यह पाया गया है कि उनका एक साथी फरार है, जिसे व्यापम घोटाले में भी संदिग्ध था। यह धोखाधड़ी में पकड़े गए आरोपियों में से एक है, आलोक खाद्य एवं रसद विभाग में तैनात है।
पुलिस ने छापा मारा, तो आलोक के पास से कई प्रमाण पत्र और चेक मिले। पुलिस पता लगा रही है कि खेल में और कौन-कौन शामिल है। बताते है कि उम्मीदवारों ने डॉ० केएल पटेल के खिलाफ शुरुआत में ही आरोप लगाए थे कि इन्होंने अपने क्षेत्र के कुछ अभ्यर्थियों की सेटिंग करके ज्यादा अंक दिलाए है।
पीड़ित राहुल ने जब सोरांव थाने में गुरुवार को डॉ० पटेल समेत आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया तो पुलिस की कारवाई में कई राज खुले। वहीं एक अभ्यर्थी ने बताया कि दिसंबर 2018 में टीईटी में कई ऐसे अभ्यर्थी थे जिन्हें 70 से 80 नंबर मिले थे। केवल एक महीने बाद, जनवरी 2019 में, जब शिक्षक भर्ती परीक्षा हुई थी, उन्हीं उम्मीदवारों को 140 या उससे अधिक अंक मिले। 34 ऐसे उम्मीदवारों का चयन किया गया है जिन्हें 140 या इससे अधिक अंक मिले हैं।
यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जिसने इतने कम अंक पाये, उसने महीने भर की पढ़ाई में टॉपर्स की सूची में शामिल हो लिए टॉपर्स सूची में सोरांव, बहरिया और करछना के छात्रों के नाम अंकित हैं। ऐसी स्थिति में, शुरू से ही संदेह था कि कुछ धोखाधड़ी करके उम्मीदवारों के अंक बढ़ा दिए गए हैं।
यहीं बात खत्म नहीं हुई सामान्य वर्ग वाले अभ्यर्थियों का चयन ओबीसी कैटेगरी में हुआ है इसका जीता जागता उदाहरण क्रमांक 834 पर राहुल उपाध्याय का चयन ओबीसी कैटेगरी में है देख लीजिए। अभ्यर्थियों ने बताया कि जैसे ही राहुल के मुकदमा दर्ज कराते ही आरोप सच सामने आने लगे।

