प्रदेश के सभी कर्मचारी व शिक्षक संगठन हुए लामबंद होगा महा आन्दोलन

 प्रदेश के सभी कर्मचारी व शिक्षक संगठन हुए लामबंद होगा महा आन्दोलन 



आगामी संघर्षों का ऐलान


5 अक्टूबर
मोटर साइकिल रैली


28 अक्टूबर
जिलाधिकारी कार्यालय में धरना


30 नवम्बर
लखनऊ चलो


र्तमान प्रदेश की भाजपा सरकार के 4.5 वर्ष के कार्यकाल में कर्मचारी व शिक्षकों को लगातार क्षति पहुँचायी जा रही है, प्रदेश के लाखों कर्मचारी व शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं , क्योंकि नई पेंशन के नाम पर उनके वेतन से करोड़ों रुपये की कटौती करके शेयर बाजार में झोकी जा रही है और सरकार कर्मचारी के सेवानिवृत्ति के समय सुनिश्चित पेंशन देने की जिम्मेदारी लेने को तैयार नही है । 

प्रदेश के कर्मचारी व शिक्षकों का 18 महीने के महंगाई भत्ते का लगभग 10 हजार करोड़ रूपये सरकार डकार गयी है, नगर प्रतिकर भत्ता , स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ता , कम्प्यूटर भत्ता , परियोजना भत्ता , द्विभाषीय भत्ता समेत 10 से अधिक भत्ते सरकार द्वारा समाप्त करके कर्मचारी व शिक्षकों के पेट पर लात मारी 
गयी है।


45 हजार वेतन पाने वाले शिक्षा मित्र को आज 10 हजार पर लाकर भुखमरी के कगार पर खड़ा कर दिया गया है, हजारों शिक्षा मित्र अवसाद ग्रस्त होकर आत्महत्या कर चुके हैं, अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार से घटाकर 7 हजार कर दिया गया है । 

प्रदेश के वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत लाखों शिक्षकों का मानदेय समाप्त करके उनके परिवार के साथ कुठाराघात किया है, कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय के 2 हजार से अधिक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया है । 

बेसिक स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के 1 लाख से अधिक पद समाप्त करके शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर समाप्त कर दिये गये हैं तथा मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के बार - बार निर्देश देने के बावजूद भी कर्मचारियों की पदोन्नति नही की जा रही है, कलेक्ट्रेट को विशेष प्रतिष्ठा प्रदान करते हुए ग्रेड वेतन उच्चीकरण के सम्बन्ध में राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश की संस्तुति के उपरान्त शासन ने माह जनवरी , 2019 में पत्र दिया कि इसे कैबिनेट ले जाकर शासनादेश निर्गत किया जायेगा, जो आज तक शासनादेश निर्गत न होने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है, प्रदेश के कर्मचारी व शिक्षकों का धैर्य जबाव दे रहा है, प्रदेश के से अधिक कर्मचारी व शिक्षक संगठनों ने मिलकर कर्मचारी , शिक्षक , अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच उ० प्र० का गठन करके प्रदेश के 20 लाख से अधिक कर्मचारी व शिक्षकों के हितों की रक्षा हेतु संघर्ष करने का निर्णय लिया है । 

अधिकार मंच से सम्बद्ध सभी संगठनों के नेताओं ने प्रेस कान्फ्रेंस करके मंच के बैनर तले निम्नलिखित आन्दोलन की घोषित की 


दिनांक 05 अक्टूबर, 2021 को प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर मोटर साईकिल रैली तत्पश्चात ज्ञापन का  

दिनांक 28 अक्टूबर , 2021 को प्रदेश के सभी जिलाधिकारी कार्यालयों पर एक दिवसीय धरना तत्पश्चात ज्ञापन

दिनांक 30 नवम्बर , 2021 को प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इको गार्डेन में महारैली 

प्रेस कान्फेन्स में मंच के अध्यक्ष डा० दिनेश चन्द्र शर्मा , प्रधान महासचिव सुशील कुमार त्रिपाठी , हरि किशोर तिवारी अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद , सतीश कुमार पाण्डेय अध्यक्ष जवाहर भवन इन्दिरा भवन कर्मचारी महासंघ , डा० आर० पी० मिश्रा प्रदेश मंत्री उ० प्र० माध्यमिक शिक्षक संघ , राम राज दुबे अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ , भारत यादव अध्यक्ष वर्कचार्ज कर्मचारी महासंघ लोक निर्माण विभाग उ० प्र०, आनन्द वर्मा अध्यक्ष नगर निगम कर्मचारी महासंघ , शिवशंकर पाण्डेय उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ , नरेन्द्र कुमार वर्मा उ 0 प्र 0 माध्यमिक शिक्षक संघ आदि उपस्थित रहे ।

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